एक प्रश्न बार-बार सामने आता है कि पीड़ा और दुख के समय ही भगवान और धर्म क्यों याद आता है? इसका उत्तर है क्योंकि व्यक्ति की अपने प्रति ही आस्था नहीं होती, अपने अस्तित्व के प्रति विश्वास नहीं होता। और जो अपने में ही नहीं टिकता, उसके लिए भटकाव ही भटकाव शेष रहता है। जब व्यक्ति महसूस करता है कि उसकी उपेक्षा हो रही है, सब मिलकर उसको सता रहे हैं, वह बूढ़ा और शिथिल हो गया है, व्याकुलता बढ़ गई है, मन बेचैन है- तब उसे भगवान याद आते…
Author:
हिमालय के ‘विकिपीडिया’ है ये साधू, अब तक खींच चुके हैं 8 क्विंटल तस्वीरें
हिमालय में साधुओं के सैकड़ों साल जीने, टैलीपैथी से बात करने जैसे चमत्कारिक किस्से तो आपने भी सुने होंगे. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे साधु के बारे में बता रहे हैं जो न सिर्फ़ गंगोत्री में साधना में लीन रहा बल्कि साठ बरस से हिमालय में रहने के दौरान उसका इस पर्वतमाला से ऐसा रिश्ता बना कि वह पर्वतारोही, फ़ोटोग्राफ़र, घुमक्कड़ बन गया. और घुमक्कड़ ऐसा कि 62 की जंग में भारतीय सेना ने उससे मदद मांगी, फ़ोटोग्राफ़र ऐसा कि खींची तस्वीरें का वजन आठ क्विंटल से ज़्यादा हो…
दिवाली विशेष: लक्ष्मी पूजन के दौरान भूलकर भी नही करनी चाहिए ये गलतियां, मां हो जाती हैं नाराज
दिवाली (Diwali 2018) का त्योहार देश और दुनिया में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. दिवाली के आसपास पांच पर्व मनाए जाते हैं. इसमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज आदि मनाए जाते हैं. इस बार दिवाली 7 नवंबर 2018 को मनाई जाएगी. जानिए क्यों मनाई जाती है दिवाली- जब 14 साल का वनवास काट कर राजा राम, लंका नरेश रावण का वध कर, वापस अयोध्या आए थे, उन्हीं के वापस आने की खुशी में अयोध्या वासियों ने अयोध्या को दीयों से सजाया था. अपने भगवान के…
चमत्कारिक विपश्यना से मन के अंदर चलने वाले विचारों को कैसे करें नियंत्रित, जानें…
व्यस्त जीवनशैली के चलते शारीरिक-मानसिक थकान होना स्वाभाविक है। इससे बचने में ध्यान बहुत मददगार होता है। विपश्यना ऐसी ही प्रमुख क्रिया है, जो तन-मन को सुकून पहुंचाती है। इसके लिए सबसे जरूरी यह है कि अगर आप अपने भीतर छिपी नकारात्मक बातों को बाहर निकालना चाहते हैं, तो अपनी खामियों को पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की कोशिश करनी चाहिए। अब सवाल यह उठता है कि इसे करने का सही तरीका क्या है? और यह कैसे फायदा पहुंचाती है? विपश्यना यानी मन की गहराइयों तक जाकर आत्मशुद्धि की साधना।…
जानिए, आशापुरा माता मंदिर की महिमा जहां मोदी भी टेक चुके हैं मत्था
गुजरात की धरती पर मंदिरों और धामों का खासा महत्व है. गुजरात विधानसभा चुनाव के समय पीएम नरेंद्र मोदी ने जिस आशापुरा मंदिर में दर्शन करने के बाद चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया उस मंदिर के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं. आशापुरा को कच्छ की कुलदेवी माना जाता है और बड़ी तादाद में इलाके के लोगों की उनमें आस्था है। आशापुरा माता को कई समुदायों द्वारा कुलदेवी के रूप में माना जाता है, और मुख्यत: नवानगर, राजकोट, मोरवी, गोंडल बारिया राज्य के शासक वंश चौहान, जडेजा राजपूत, कच्छ, की कुलदेवता…
दीपावली से पहले इन 4 बड़े शुभ मुहूर्त पर करेंगे खरीददारी तो हो जायेंगे मालामाल
धनतेरस को बहुत ही शुभ दिन माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करना शुभ होता है और घर में शुभता लेकर आता है. इस दिन खरीदारी करने से मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर प्रसन्न होते हैं और धन-संपत्ति प्राप्ति का वरदान देते हैं. इस बार धनतेरस 17 अक्टूबर को है. वैसे तो कहते हैं कि धनतेरस का दिन इतना शुभ होता है कि इस दिन अगर कोई व्यक्ति पूरे दिन में कभी भी खरीदारी करे तो वह अच्छा ही होगा. हर धनतेरस पर खरीदारी…
कार्तिक माह में सूर्योदय से पूर्व स्नान के महत्व, विधि और फायदे:
हमारे धर्म शास्त्रों में अशांति, पाप आदि से बचने के कई उपाय बताए गए हैं। कार्तिक मास में किया गया स्नान व व्रत उन्हीं में से भी एक है। स्कंद पुराण आदि अनेक धर्म ग्रंथों में कार्तिक मास के स्नान व व्रत की महिमा बताई गई है। कार्तिक के महीने में पूरे माह ब्रह्ममुहूर्त में स्नान कर भगवान की पूजा किया जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, कलियुग में कार्तिक मास में किए गए व्रत, स्नान व तप को मोक्ष प्राप्ति बताया गया है। स्कंद पुराण के अनुसार- न कार्तिकसमो…
गोवर्धन पूजा पूजन विधि, कथा और महत्व
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। यहां जानिए गोवर्धन पूजा की सरल विधि- पूजन विधि- गोवर्धन पूजा का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है। इस दिन सुबह शरीर पर तेल की मालिश करके स्नान करना चाहिए। फिर घर के द्वार पर गोबर से प्रतीकात्मक गोवर्धन पर्वत बनाएं। इस पर्वत के बीच में पास में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति रख दें। अब गोवर्धन पर्वत व भगवान श्रीकृष्ण को विभिन्न प्रकार के पकवानों व मिष्ठानों…
कुछ धार्मिक जगहों पर मनाएं अपनी दिवाली को और भी खास
साल में आप कभी भी यहां जा सकते हैं लेकिन दिवाली के दिन यहां अलग ही नजारे देखने को मिलते हैं। दिवाली का त्योहार सभी लोग अपने-अपने घर पर ही मनाना चाहते हैं, लेकिन इस त्योहार को आप और खास बनाने के लिए भारत के कुछ फेमस प्लेसेस पर जा सकते हैं। जहां आपको आध्यात्म के साथ ही नई जगह की दिवाली के जश्न को देखने व महसूस करने का भी मौका मिलेगा। वाराणसी- ट्रिप की बात हो और वाराणसी का नाम रह जाए ऐसा हो ही नहीं सकता। यूं…
जानें नंदी बैल कैसे बना शिव की सवारी
हिन्दू धर्म में माँ बाप अपने बच्चे को बचपन से ही सिखा देते है, की कभी भी किसी जीव को नुकसान नहीं पहुँचाना है। किसी भी जीव की हत्या नही करनी है। सबसे खास बात हिन्दू धर्म में प्रकृति और पशु-पक्षियों को भी दया की दृष्टि से देखने की बात कही जाती है। हिन्दू देवी-देवताओं से जुड़ी किसी भी कहानी से जीवन की एक सीख छिपी होती है, जिसे जीवन में उतारने से फायदा ही होता है। नुक्सान नही होगा यदि किसी को समझ आ गया है, कि हिन्दू धर्म…
