व्यस्त जीवनशैली के चलते शारीरिक-मानसिक थकान होना स्वाभाविक है। इससे बचने में ध्यान बहुत मददगार होता है। विपश्यना ऐसी ही प्रमुख क्रिया है, जो तन-मन को सुकून पहुंचाती है। इसके लिए सबसे जरूरी यह है कि अगर आप अपने भीतर छिपी नकारात्मक बातों को बाहर निकालना चाहते हैं, तो अपनी खामियों को पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की कोशिश करनी चाहिए। अब सवाल यह उठता है कि इसे करने का सही तरीका क्या है? और यह कैसे फायदा पहुंचाती है?
विपश्यना यानी मन की गहराइयों तक जाकर आत्मशुद्धि की साधना। इस विधि के अनुसार, श्वास-प्रश्वास के प्रति सजग रहकर बिना कोई प्रतिक्रिया दिए अपनी असल हालत का अवलोकन और आभास कर सकते हैं। इसका अभ्यास चित्त को निर्मल बना सकता है। मन में कोई विकार जागता है, तो सांस एवं संवेदनाएं प्रभावित होती हैं। इस प्रकार सांस के जरिए संवेदनाओं को देखकर हम विकारों को देखते हैं।
यह ध्यान साधना की ऐसी पुरातन प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से ही आत्मनिरीक्षण और आत्मशुद्धि संभव है। इसके लिए प्राचीनकाल से ही योगियों द्वारा विपश्यना की विधि अपनाई जाती रही है। अपने ही शरीर और चित्तधारा पर पल-पल होने वाली परिवर्तनशील घटनाओं को तटस्थभाव से निरीक्षण करते हुए चित्तविशोधन का अभ्यास हमें सुख-शांति का जीवन जीने में मदद करता है। जिससे हम अपने भीतर शांति और सामंजस्य का अनुभव कर सकते हैं।
विपश्यना बड़ा सीधा-सरल प्रयोग है। अपने आते-जाते सांस के प्रति भाव रखना ही इसका मूलमंत्र है। इसमें सांस को इतनी ज्यादा अहमियत इसीलिए दी जाती है, क्योंकि यही हमारा जीवन है। सांस अनेक अर्थों में महत्वपूर्ण है। यह तो आपने भी महसूस किया होगा कि क्रोध और करुणा जैसी अलग-अलग मन:स्थितियों में सांस अलग-अलग ढंग से चलती है। इसी तरह दौडऩे या चलने जैसी शारीरिक क्रियाओं के दौरान भी सांसों की गति तेज और धीमी होती रहती है।
विकारों को सिर्फ देखने से उनकी ताकत कम होने लगती है और धीरे-धीरे इन विकारों का शमन होने लगता है। आत्मनिरीक्षण की यह कला हमें भीतर और बाहर की सच्चाई का साक्षात्कार कराती है। मन में व्यर्थ के विचार आना बंद हो जाते हैं। शांति का अनुभव होता है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि निरंतर ध्यानपूर्वक इसे करने से आत्म-साक्षात्कार होने लगता है। श्वास को ठीक से देखते रहें, तो निश्चित रूप से शरीर से अलग जागरण होने लगेगा और आप चित्त को शांत और साफ कर पाएंगे। यह शरीर में भीतर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा देगा।

